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Thursday, 28 January 2016

Training and Knowledge - Sharing Resources

National Career Service Portal Available services:
  • Online and Offline Registration by job seekers
  • Skills and Jobs in demand guidance
  • Career assistance
  • Search and apply for jobs, job fairs, training programs, and career exhibitions
For more details visit www.ncs.gov.in/Pages/default.aspx

National Scholarship Portal Available services:
  • Students
    - Student Registration (Fresh and Renewal) 
    - Online Submission of Application 
    - Application Status Tracking
  • Institutions
    - Institute Registration
    - Course Registration
    - Application Verification
    - Forward Applications
For more details visit www.scholarships.gov.in/main.do

Download NCERT Books Available services:
  • Books of class I to XII are available
  • Readable & printable version of books
  • Books available in English, Hindi and Urdu
For more details visit www.ncert.nic.in

See your examination results Available services:
  • Exam results of ClassX,XII and allcompetitive exams (i.e.,Engineering,Medical,MBA,CA,etc.)
  • Results of CBSE, ICSE and state board
For more details visit www.results.nic.in

Online employment news Available services:
  • Current vacancy announced by—UPSC, SSC, Indian Army, Navy,Air Force, PSU & employment exchanges
  • List of state employment exchanges for online application
  • Link to Directorate of Employment & Training
For more details visit www.employmentnews.gov.in/

Digital employment exchange for industries Available services:
  • Exclusive registration sections for employers and job seekers
  • Platform to connect employers and job seekers
For more details visit www.eex.dcmsme.gov.in/Home.aspx

Apply for scholarship Available services:
  • Scholarships-related information (merit & category based)
  • Information on various studyprogrammes
For more details visit www.ugc.ac.in/ugc_schemes/

Locate your nearest study centre Available services:
  • State-wise list of study centres for Academic (Secondary & Sr.Secondary), vocational and open basic education courses
For more details visit www.nios.ac.in

Download Indian Fonts Available services:
  • Free downloadable fonts, i.e.,—Hindi, Tamil, Gujarati, Bengali,Assamese, Telugu, Malayalam,Marathi, Oriya, Punjabi & Kannada with registration only
  • Free downloadable BharteeyaOpen Office (BOO), Browser & e-mail service
For more details visit www.ildc.in

Student loan for higher education Available services:
  • Model student loan scheme of Indian Banks' Association
  • Education loan schemes of various banks
For more details visit www.ugc.ac.in/page/Educational-Loan.aspx

Educational Institution of India Available services:
  • List of universities/deemed universities, colleges, schools, specialised institutions, training centres and state educational institutions
  • Scientific institutions
For more details visit www.ugc.ac.in/recog_College.aspx

Vidya Lakshmi portal for educational loans

Vidya Lakshmi Portal provides a single window for students to access information and make application for Educational Loans provided by Banks. Students can view, apply and track the education loan applications to banks anytime, anywhere by accessing the portal. The portal also provides linkages to National Scholarship Portal.
This portal has been developed under the guidance of
Features of the portal

  1. Information about Educational Loan Schemes of Banks
  2. Common Educational Loan Application Form for Students
  3. Apply to multiple Banks for Educational Loans
  4. Facility for Banks to download Students Loan Applications
  5. Facility for Banks to upload loan processing status
  6. Facility for Students to email grievances/queries relating to Educational Loans to Banks
  7. Linkage to National Scholarship Portal for information and application for Govt Scholarships


How to apply for Educational loan through Vidya Lakshmi ?

  • The applicant must and login to Vidya Lakshmi portal and then fill-up the Common Education Loan Application Form (CELAF) by providing all the necessary details.
  • After filling the form, the applicant can search for Educational Loan and APPLY as per his/her needs, eligibility and convenience.
  • Alternatively, the applicant can also search for Educational Loan after login and apply for the suitable Educational Loan by filling the CELAF.

What is Common Educational Loan Application Form (CELAF) ?

The Common Educational Loan Application Form is the single form which students can fill to apply for Educational Loan to multiple banks / schemes. CELAF is the application form prescribed by Indian Banks Association (IBA) and accepted by all banks. This form is provided on Vidya Lakshmi portal to apply for Educational loan.

How many applications for Educational Loan can be submitted by a student?
A student can apply to a maximum of three Banks through Vidya Lakshmi portal using CELAF.

How will an applicant know the status of his/her application?

The Bank will update the status of the application on Vidya Lakshmi portal. Students can view the status of the application on the applicant's dashboard on the portal.

How is the money/educational loan disbursed?

Approved Educational Loan of an applicant will be disbursed directly by the bank outside the Vidya Lakshmi Portal. To know more, contact the bank you have selected.

Which are the banks one can apply for Educational loan through Vidya Lakshmi portal?

  1. State Bank of India
  2. IDBI bank
  3. Canara bank
  4. Union Bank of India
  5. Bank of India
  6. Central Bank
  7. Corporation Bank
  8. Dena Bank
  9. Kotak Bank
  10. Oriental Bank of Commerce
  11. Punjab National Bank
  12. Punjab and Sind Bank
  13. Vijaya Bank
  14. United Bank of India
  15. HDFC
  16. Allahabad Bank
  17. Andhra Bank
  18. State Bank of Patiala
  19. Bank of Maharashtra
  20. Syndicate Bank
  21. Indian Bank
  22. State Bank of Travancore
  23. Bank of Baroda
  24. Bharatiya Mahila Bank
  25. UCO Bank
  26. ICICI Bank
  27. State Bank of Bikaner and Jaipur

Monday, 25 January 2016

किसी तरह की परीक्षा दे रहे हैं? तो इसे जरूर पढ़िए

यह करोड़ों युवाओं की तूफान से जूझने की तैयारियों का समय है। दिन-रात। आंखों में सपने थे। अब जलन है। दिल में हौसला था। अब अनजानी सी धड़कन है। दिमाग में वो लाखों वाक्य थे जो साल भर पढ़े थे। अब तनाव है। 
परीक्षा तूफान है। जितनी बड़ी परीक्षा, उतना बड़ा भय। कैसा भय? कहां से आया यह डर? क्यों आया? या कि पैदा किया गया/जा रहा है?
 
जब से ‘परीक्षा’ लेना आरंभ हुआ होगा, उसका डर भी उतना ही पुराना है। आचार्यो ने पैदा किया था भय। उद्देश्य पवित्र था। वे समझते थे भयवश, विद्यार्थी मनोयोग से अभ्यास करेंगे, सफल होंगे।  
 
आपकी रुचि किसमें है? रुझान। आपको भयभीत वही बात, वही विषय, वही परीक्षण करेगा - जिसमें आपका मन ही नहीं लगता।   
 
हमारी स्थिति तो विचित्र है। गुलाम हैं हम। जैसा आदेश मिलेगा- वैसा करना पड़ेगा। सारा राष्ट्र आईआईटी दे रहा है/चाहता है - तो हमें भी जुटना होगा। सारे बड़े पद मैनेजमेंट के उच्च संस्थानों से सफल होकर निकल रहे नौजवानों को मिल रहे हैं। तो हमें भी वे परीक्षाएं देनी होंगी। मेडिकल की एक ही परीक्षा हो गई है। मुकाबला अत्यधिक कड़ा हो चुका है। करना पड़ेगा। 
 
सारी प्रतियोगी परीक्षाएं, अर्थात देनी पड़ेंगी। बस यहीं ग़लती हो रही है। ‘पड़ेगी’ में विवशता की बू आती है। देंगे में स्वेच्छा की खुशबू। अब स्वेच्छा क्यों कर कोई करने देगा? घर में ही कौन मानेगा? ‘कोई’ अपनी जगह है- घर में माने न माने यह हमेशा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। क्योंकि परिवार ही तो हमारा अच्छा-बुरा वास्तव में सोचता है। तय करता है। वे बड़े हैं। उम्र। अनुभव। अभ्यास। 
 
किन्तु स्कूल-कॉलेज की बातों से तो डर संभवत: स्वाभाविक है। क्लास टीचर/प्रोफेसर/कोच जो भय पैदा करते हैं - उनके अपने कारण हैं। पता हैं। घर वाले क्यों हमारी बात, हमारी रुचि नहीं देखेंगे। उनके पास तो बस हम और हमारी प्रगति, हमारी प्रसन्नता। यही कारण हैं।
 
भविष्य का भय। आने वाले कल में न जाने क्या हो जाए? असुरक्षा। असमंजस। अन्याय। अराजकता। पापा ने ढेरों उतार-चढ़ाव देखे हैं। उतार ही अधिक थे/हैं। मां तो बस जानती ही तीन बातें हैं: जिम्मेदारी। जिम्मेदारी। और जिम्मेदारी। हमेशा संकट। निभाओ जिम्मेदारी। हमेशा भेदभाव। उठाओ जिम्मेदारी। हमेशा बाकी सभी का आगे बढ़ जाना। समझो जिम्मेदारी।
 
वास्तव में तो माता-पिता दे रहे हैं कठोर परीक्षाएं। हमारी परीक्षा तो बहुत छोटी है। फिर यह तो एक तयशुदा तारीख को समाप्त भी हो जाएगी। उनकी परीक्षा का तो कोई अंत भी नहीं है। वे क्यों डराने लगे। स्वयं भयभीत होते रहते हैं। हमारे लिए। 
 
 परीक्षा और विफलता का डर खत्म नहीं हो सकता। असंभव है। किन्तु खत्म करना ही होगा। हमारी योग्यता (कैपेबिलिटी), क्षमता (कैपेसिटी) और दक्षता (परफैक्शन) अपनी जगह है। हम सबमें है। किन्तु जब तक हम संघर्षरत हैं - तब तक हम विफल नहीं हैं। चाहे बड़े भाई साहबों को विफलता दिख रही हो। बल्ब के जनक के रूप में प्रसिद्ध थॉमस अल्वा एडिसन ने गजब की बात बताई थी: ‘जीवन के सर्वाधिक बड़े विफल लोग वे हैं जिन्होंने यह जाने बगैर ही हार मान ली कि वास्तव में वे सफलता के कितने करीब थे। 
 
परीक्षा कोई भी हो - आपसे बड़ी नहीं है। विश्वकवि गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर के ‘व्हेयर माइंड इज विदाउट फियर, एंड हेड इज हेल्ड हाई’ का आशय संभवत: यही है। संसार में सर्वाधिक घिनौना भाव है: भय। किन्तु भय का उल्टा निर्भय नहीं है। भय का विपरीत है: भरोसा। स्वयं पर भरोसा रखिए। सारी परीक्षाएं, सारी विफलताएं, सारे भय, भयंकर तरह से भयभीत होते दिखेंगे।

Sunday, 24 January 2016

Important KeyboardsTips For Users,कम्प्यूटर पर F1 से F12 तक की Keys, जानिए ये कैसे यूजफुल हैं आपके लिए



 कम्प्यूटर की-बोर्ड पर सबसे ऊपर मौजूद F1 से F12 कीज (Keys) को फंक्शन Keys कहते हैं। ये वे Keys हैं जिनसे अक्षर टाइप नहीं होते। असल में इन्हें की-बोर्ड के जरिए कंम्यूटर या उसके ऑपरेटिंग सिस्टम को खास तरह के डायरेक्शन देने के लिए बनाया गया है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि इन Keys का आप यूज कैसे कर सकते हैं।

F1


  •  अगर कम्प्यूटर को ऑन करते ही इस Key को प्रेस करेंगे तो कम्प्यूटर का सेटअप खुल जाएगा। इसमें कम्प्यूटर की सेटिंग्स को देखा और चेंज किया जा सकता है।
  •  अगर आप इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउजर में काम कर रहे हैं और यह Key प्रेस करते हैं तो ब्राउजर का हेल्प पेज खुलेगा। क्रॉम में भी इससे हेल्प पेज खुल जाएगा।


F2


  •  Windows में किसी फाइल, फोल्डर पर क्लिक करने के बाद F2 प्रेस करने पर उसे तुरंत रीनेम किया जा सकता है।
  •  माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में ctrl+F2 दबाने पर प्रिंट व्यू पेज खुलेगा, जो दिखाता है कि डॉक्यूमेंट प्रिंट होने पर कैसा दिखेगा।
F3

  •  Windos में F3 से सर्च बॉक्स खुलता है, इसका यूज फाइल्स और फोल्डर सर्च करने में किया जाता है।
  • माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Shift+F3 प्रेस करने पर अंग्रेजी के Text को लोअर और अपर केस में बदला जा सकता है।
  • माइक्रोसॉफ्ट डॉस या कमांड प्रॉम्प्ट विंडो में F3 प्रेस करने पर पहले टाइम की गई कमांड दोबारा टाइप हो जाती है।
F4
  • विंडोज एक्सप्लोरर ( My computer, computer) में इसे प्रेस करने पर अड्रेस बार खुल जाती है। इंटरनेट एक्सप्लोरर में भीअड्रेस बार खुलती है।
  • माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में यह की F4 प्रेस करने पर वही काम रिपीट हो जाएगा जो आपने अभी किया था। जैसे अगर कोई शब्द टाइप किया है तो दोबारा टाइप हो जाएगा। टेबल बनाई है तो एक और टेबल बन जाएगी और अगर कोई टेक्सट बोल्ड किया है तो फिर से बोल्ड हो जाएगा।
 Alt+F4 प्रेस करने पर खुला हुआ सॉफ्टवेयर बंद हो जाएगा।

F5
  •  यह रिफ्रेश की के तौर पर यूज की जाती है। विंडोज में अगर कोई फोल्डर कॉपी होने के बाद दिखाई नहीं दे रहा, तो इसे दबाइए दिखने लगेगा। इंटरनेट ब्राउजर में वेब पेज को रिफ्रेश और रिलोड करने के लिए यह यूज होता है।
  • Powerpoint में F5 प्रेस करने पर स्लाइड शो चालू हो जाता है।
  • माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में Shift+F5 प्रेस करने पर Find and Replace फीचर ओपन हो जाता है।
  •  फोटोशॉप में इसे दबाने पर कई तरह के ब्रश सामने आ जाते हैं, इनमें आप अपनी पसंद का ब्रश चुन सकते हैं।
F6 

  •  इसे प्रेस करने पर विंडोज में खुले फोल्डरों की सामग्री दिखने लगती है।
  • अगर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कई डॉक्यूमेंट खुले हैं, तो उन्हें एक- एक करके देखने के लिए Control+Shift+F6 का यूज कर सकते हैं।
F7
  • माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कुछ टाइप करने के बाद अगर F7 प्रेस करेंगे तो उसकी स्पेलिंग चेक होना शुरू हो जाएगी।
  •  इंटरनेट एक्सप्लोरर में इसे प्रेस करने पर वेब पेज का टेक्सट सलेक्ट करने और आगे- पीछे जाने में किया जा सकता है।
F8
  •  माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Alt+F8 प्रेस करने से मैक्रो तैयार हो जाता है, इससे बार-बार किए जाने वाले कार्यों को करने के लिए डायरेक्शन रिकॉर्ड किए जा सकते हैं।
  • माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में टेक्सट को सिलेक्ट करने के लिए F8 का यूज किया जाता है।
F9
  •  माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक में ईमेल सेंड व रिसीव करने के लिए इसका यूज करते हैं
  •  क्वार्क एक्सप्रेस में इसे प्रेस करने से मेजरमेंट टूलबार खुल जाता है।
  •  कुछ लैपटॉप में इसे प्रेस कर स्क्रीन की ब्राइटनेस को कंट्रोल किया जा सकता है।
F10
  •  किसी सॉफ्टवेयर में काम करते हुए इसे प्रेस करने से मेन्यू बार खुल जाता है।
  • Shift+F10 साथ माउस के राइट क्लिक का काम करता है।
  • Control+F10 का यूज माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में विंडो को मिनिमाइज और मैक्सजमाइज करने के लिए किया जाता है।
F11
  •  इंटरनेट एक्सप्लोरर, क्रोम जैसे ब्राउजर में फुल स्क्रीन करने के लिए इसका यूज कर सकते हैं।
F12
  •  वर्ड में इसे प्रेस करने से Save As बॉक्स खुलता है।
  •  Shift+F12 से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में डाक्यूमेंट सेव हो जाता है।
  •  Control+Shift+F12 से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में खुला डाक्यूमेंट सेव हो जाता है।

क्या है स्टार्टअप, इसे शुरू करने वाले को मिलेगी सरकारी मदद


स्‍टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने स्‍टार्टअप इंडिया एक्‍शन प्‍लान लांच कर दिया है। साथ ही इसकी परिभाषा भी तय कर दी गई है, जिसमें 25 करोड़ रुपए तक का टर्नओवर एवं कंपनी का गठन 5 साल से ज्‍यादा पुराना नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा स्‍टार्टअप को टैक्‍स बेनिफिट के लिए अंतरमंत्रालयी बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना होगा।सरकार ने नौकरी के अवसर और नए आइडिया के साथ कारोबार शुरू करने वालों के लिए ‘स्‍टार्टअप इंडिया स्‍टैंडअप इंडिया’ का भी नारा दिया है।वहीं, इंडस्‍ट्री से जुड़े लोगों का अनुमान है कि अगले 10 सालों में आईटी सेक्‍टर की तरह स्‍टार्टअप में भी बूम आएगा, जिससे 30 से 35 लाख लोगों को रोजगार उपलब्‍ध होंगे। भारत में स्‍टार्टअप की संख्‍या जिस तेजी के साथ बढ़ रही है उसको देखते हुए आने वाले 10 सालों में इनकी संख्‍या बढ़कर 1 लाख के करीब हो जाएगी। हम आपको यह बता रहे हैं कि स्‍टार्टअप क्‍या है और इसको शुरू करने वाले को सरकार कैसे मदद करेगी और क्‍या होगा फायदा।

 स्‍टार्टअप क्‍या है 
 स्‍टार्टअप एक नई कंपनी होती है, जिसको शुरू करने के बाद उसको डेवलप किया जाता है। आमतौर पर स्‍टार्टअप यानी नई कंपनी शुरू करने को कहा जाता है, जिसको कोई यूथ स्‍वंय या दो तीन लोगों के साथ मिलकर शुरू करता है। आमतौर पर उसको शुरू करने वाला व्‍यक्ति उसमें पूंजी लगाने के साथ कंपनी का संचालन भी करता है। यह कंपनी वैसे प्रोडक्‍ट्स या सर्विस को लांच करती है, जो कि मार्केट में उपलब्‍ध नहीं होता है। ऐसे प्रोडक्‍ट्स को लांच करने वाले यूथ अपने आइडिया लोगों के सामने प्रस्‍तुत करते हैं, जिसे वह अपने मेहनत के बल पर मार्केट में स्‍थापित भी करते हैं। 

स्‍टार्टअप के  नियम क्‍या हैं
किसी कंपनी को स्‍टार्टअप कैटगरी में आने के लिए उसके प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पार्टनरशिप फर्म अथवा लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म के रूप में रजिस्टर्ड होना जरूरी है। इसके अलावा स्‍टार्टअप के लिए किसी कंपनी का गठन 5 साल से पुराना नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही कंपनी का टर्नओवर 25 करोड़ रुपए तक होना चाहिए। तभी वह कंपनी स्‍टार्टअप की कैटगरी में शामिल सकती है।

इसके दायरे में आने वाली सर्विस

स्‍टार्टअप के दायरे में वहीं कंपनी आएगी जिसका प्रोडक्‍ट या सर्विस नई तरह की हो, लेकिन यदि किसी प्रोडक्‍ट में बदलाव किया गया है तो उसका फायदा कस्‍टमर को मिल रहा है कि नहीं यह देखना जरूरी होगा। इसके अलावा इंडियन पेटेंड और टेड्रमार्क ऑफिस से किसी प्रोडक्‍ट को पेटेंट मिला हो। वहीं, अगर सरकार किस प्रोडक्‍ट को प्रोत्‍साहित करने के लिए आर्थिक मदद दे रही हो, जिससे आम आदमी को लाभ होता हो।

सरकार देगी सुविधाये
स्टार्टअप के लिए जारी एक्शन प्लान में सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं, जिससे स्टार्टअप को बूस्ट मिलेगा और लाखों रोजगार के अवसर भी उपलब्‍ध होंगे। स्टार्टअप को सरकार  की तरफ से मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:-


  • स्‍टार्टअप के लिए सेल्‍फ सर्टि‍फि‍केशन आधारि‍त कंप्‍लायंस होगा।
  •  पेटेंट एप्‍लीकेशन फीस में 80 पर्सेंट की छूट देगी सरकार।
  •  सरकार देशभर में 35 नए इन्‍क्‍यूबेशन सेंटर खोलेगी। 
  • 3 साल तक स्‍टार्टअप का काई इंस्‍पेक्‍शन सेंटर खोलेगी।
  • शेयर मार्केट वैल्‍यू से ऊपर के इन्‍वेस्‍टमेंट पर टैक्‍स में छूट देगी सरकार। 
  • प्रॉफिट होने पर भी 3 साल तक स्‍टार्टअप्‍स को इनकम टैक्‍स में छूट मिलेगी। 
  • देश के प्रमुख शहरों में पेटेंट के लि‍ए कंसल्टेशन की फ्री व्‍यवस्‍था की जाएगी।
  •  सार्वजनि‍क और सरकारी खरीद में स्‍टार्टअप को छूट मि‍लेगी।
  •  स्‍टार्टअप के लि‍ए फास्‍ट एक्‍जि‍ट पॉलि‍सी बनाई जाएगी। 
  • इनोवेशन पर स्‍टार्टअप को राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार से सम्‍मानित करेगी सरकार।
  •  अपनी प्रॉपर्टी बेचकर स्‍टार्टअप में इन्‍वेस्‍ट करने वाले को कैपि‍टल गेन टैक्‍स की छूट मिलेगी। 
  • 10 हजार करोड़ रुपए का फंड बनाया जाएगा, जिसमें से प्रत्‍येक साल 2500 करोड़ रुपए का फंड स्‍टार्टअप्‍स को मिलेगा
  • स्‍टार्टअप के लिए चार साल तक 500 करोड़ रुपए प्रति‍वर्ष का क्रेडि‍ट गारंटी फंड सरकार बनाएगी।
  • स्‍टार्टअप इंडि‍या हब सिंगल प्‍वाइंट ऑफ कॉन्‍टैक्ट बनेगा और हैंड होल्‍डिंग का भी इंतजाम सरकार  के द्वारा की जाएगी।
  • स्‍टार्टअप्स के लि‍ए ऑनलाइन पोर्टल लांच करने के साथ ही मोबाइल ऐप के जरि‍ए छोटा ई-फॉर्म पेश कि‍या जाएगा, जिसमें रजि‍स्‍ट्रेशन की व्‍यवस्‍था होगी।
  • इंटलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी राइट को प्रोटेक्‍शन दिया जाएगा। इसके लिए रजिस्‍ट्रेशन के लिए आईपीआर लाने जा रहे हैं।
  • अटल इनोवेशन मिशन (AIM) की शुरुआत। इसके तहत स्‍टार्टअप को कंपटेटिव बनाना होगा। इसके तहत आंन्‍त्रप्रेन्‍योर के नेटवर्क को बनाया जाएगा। स्‍टार्टअप को सीड कैपिटल देने के साथ कई अन्‍य सुविधाएं दी जाएंगी।
  • सरकार बच्‍चों में इनोवेशन बढ़ाने के लिए भी कार्यक्रम शुरू करेगी। इसके लिए इनोवेशन कोर प्रोग्राम शुरू होगा। इसके अलावा 5 लाख स्‍कूलों के 10 लाख बच्‍चों की पहचान भी की जाएगी जो इनोवेशन को आगे बढ़ा सकें।